
लुधियाना : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि असली दौलत गुरु के चरणों में और ‘नाम’ की कमाई में है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति गुरु के सानिध्य में ही मिलती है। मुख्यमंत्री वीरवार को पंजाब, लुधियाना के गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब में आयोजित समागम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बाबा घाला सिंह, अनेक संत-महापुरुषगण और देश-विदेश से पधारी साध संगत उपस्थित थी।
नायब सिंह सैनी ने समागम में उपस्थित संगत को दुर्गाष्टमी और रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री नानकसर साहिब वही पावन स्थान है, जिसकी नींव बाबा नंद सिंह जी महाराज ने अपने कठोर तप से रखी थी। उन्होंने भक्ति की उस जोत को जलाया, जिसकी लौ आज करोड़ों दिलों को रोशन कर रही है। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए बाबा ईशर सिंह जी महाराज ने यहां सात वर्षों तक एकांतवास में सिमरन किया। उन्होंने कहा कि यह उन्हीं महापुरुषों की कमाई का फल है कि आज यहां कदम रखते ही मन को असीम शांति मिलती है। मुख्यमंत्री ने बाबा ईशर सिंह के प्रकाश उत्सव की भी बधाई दी और सबको मिल-जुलकर नफरत को मिटाने और प्रेम, सेवा व सिमरन के मार्ग पर चलने की गुरु चरणों में अरदास की। उन्होंने बाबा नारायण सिंह जी के चरणों में भी अपनी श्रद्धा अर्पित की और कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि ‘सेवा’ और ‘आदेश’ का पालन क्या होता है। बाबा ईशर सिंह जी के एक वचन पर उन्होंने सात वर्षों तक 24 किलोमीटर दूर से जल की सेवा की। बिना थके, बिना रुके, केवल गुरु की प्रसन्नता के लिए।
उन्होंने साध संगत को बताया कि इस विशाल स्थान का कोई लिखित नक्शा नहीं था। यह तो बाबा नारायण सिंह जी के मुख से निकले दिव्य आदेश और कारीगरों की श्रद्धा थी, जिससे यह भव्य गुरुघर तैयार हुआ। यह सिद्ध करता है कि जब नीयत साफ हो और गुरु पर पूर्ण विश्वास हो, तो कुदरत खुद-ब-खुद रास्ता बनाती है। उन्होंने भव्य नानकसर साहिब बनवाकर अपने गुरु के प्रति जो समर्पण दिखाया, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
उन्होंने बताया कि गुरु साहिबान और अन्य संत-महात्माओं, और महापुरुषों ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा ‘संत-महापुरुष सम्मान विचार प्रचार एवं प्रसार योजना’ चलाई जा रही है। इस योजना के तहत श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी सहित अनेक संतों व महापुरुषों की जयंतियां राज्य स्तर पर मनाई जाती हैं। नवंबर, 2025 में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष में पूरे प्रदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उन्होंने बताया कि पंचकुला में गत 24 दिसंबर को वीर बाल दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह शामिल हुए और उन्होंने अपने हाथों से दंगा पीड़ित परिवारजनों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।
सैनी ने गुरुओं की याद में किये जा रहे कार्यों की आगे जानकारी देते हुए बताया कि सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी पर शोध के लिए चेयर स्थापित की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि गत 11 नवम्बर को गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर किया गया ,टोहाना-जींद-धमतान साहिब रोड का नाम श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया , यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के नाम पर रखा है ,असंघ के कॉलेज का नाम सरबंसदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबजादे बाबा फतेह सिंह जी के नाम पर रखा गया है। लखनौर साहिब में माता गुजर कौर के नाम से वी.एल.डी.ए. कॉलेज स्थापित किया गया है।
इस अवसर पर सरदार बाबा जोगा सिंह , भाजपा के जिला प्रधान डॉ राजेंद्र शर्मा, बाबा हरविंदर सिंह नानकसर, बाबा अर्जुन सिंह पटियाला वाले, बाबा मेहर सिंह नानकसर, बाबा गुरचरण सिंह दिल्ली वाले समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



