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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: शस्त्र लाइसेंस अस्वीकृति पर अब लिखित में देना होगा कारण | डॉ. सुमिता मिश्रा का निर्देश

हरियाणा सरकार ने शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया है। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिला आयुक्तों और पुलिस आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि अब शस्त्र लाइसेंस प्रदान न करने या नवीनीकरण अस्वीकार करने की स्थिति में कारणों को स्पष्ट रूप से लिखित में दर्ज किया जाए और आवेदकों को उपलब्ध कराया जाए।
क्या है नया आदेश?
डॉ. मिश्रा ने कहा कि शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 14 के अंतर्गत, यदि किसी भी व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो लाइसेंसिंग अधिकारी को उसका कारण लिखित में बताना अनिवार्य है। यदि आवेदक उस कारण की प्रति मांगता है, तो उसे उपलब्ध कराई जाए — जब तक कि वह सूचना जनहित के प्रतिकूल न हो।
प्रशासन को दिए गए मुख्य निर्देश:
- शस्त्र लाइसेंस अस्वीकार करने, नवीनीकरण रोकने या विस्तार न देने के पीछे स्पष्ट और लिखित कारण दर्ज किए जाएं।
- आवेदकों को यह जानकारी मांगने पर दी जाए, जब तक कि वह सूचना जनहित में न हो।
- सभी अधिकारी शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 का सख्ती से पालन करें।
- सभी अस्वीकृत आवेदनों की रिपोर्ट सरकार को समीक्षा हेतु भेजी जाए।



