हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़ से सरकार अलर्ट पर, 8.66 लाख एकड़ फसल प्रभावित | राहत कार्यों में तेजी

चंडीगढ़, 5 सितंबर 2025 — हरियाणा में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस आपात स्थिति से निपटने के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह सतर्क है और तेजी से राहत कार्यों को अंजाम दे रही है।
वित्त आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सरकार राज्यभर में हो रही भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
48% अधिक बारिश, चार जिलों में हालात गंभीर
हरियाणा में इस साल अब तक सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। विशेष रूप से फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में अत्यधिक वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर राहत कार्यों का समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं।
किसानों के लिए राहत : ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला
सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 15 सितंबर 2025 तक खुला रखा है।
- अब तक 1,46,823 किसान पंजीकृत
- 2,687 गांवों को किया गया कवर
- 8,66,927 एकड़ कृषि भूमि पर क्षति का आकलन
यह डिजिटल पहल बाढ़ से प्रभावित किसानों को त्वरित और पारदर्शी मुआवजा दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
2247 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया
राज्य के पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
अब तक 2,247 नागरिकों को राहत शिविरों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।



