IPS वाई पूरन कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, बेटियों ने नम आंखों से दी मुखाग्नि

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद बुधवार को नौवें दिन पीजीआई चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में किया गया। उनकी दोनों बेटियों ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी। इस दुखद मौके पर आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार सहित पूरा परिवार मौजूद था, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस, प्रशासन और आम जनता भी अंतिम संस्कार में शरीक हुई।
9वें दिन हुआ पोस्टमार्टम, पूरी प्रक्रिया हुई पारदर्शी
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में, मजिस्ट्रेट की देखरेख में लगभग 4 घंटे तक चली पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, ताकि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। पीजीआई के मेडिकल बोर्ड ने सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह पोस्टमार्टम संपन्न कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है।
अंतिम यात्रा में पुलिस-प्रशासन और सरकार के शीर्ष अधिकारी शामिल
दोपहर 3 बजे पूरन कुमार की अंतिम यात्रा उनके आवास से शुरू हुई और लगभग 4 बजे सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट पहुंची। यहां पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। हरियाणा सरकार के मंत्री कृष्ण लाल पंवार, श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा, गृह सचिव सुमिता मिश्रा, हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह, सीआईडी चीफ सौरभ सिंह, चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी ने नम आंखों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
परिवार ने जांच में निष्पक्षता का जताया भरोसा
आईएएस अमनीत पी कुमार ने कहा कि यूटी पुलिस और हरियाणा सरकार द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह से स्वतंत्र जांच का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने पति का पोस्टमार्टम कराना उचित समझा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम गठित मेडिकल बोर्ड, बैलिस्टिक विशेषज्ञ और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया में विश्वास बना रहेगा।



