
किन्नौर, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से किन्नर-कैलाश यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने बुधवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण यात्रा मार्ग पर पुल और ट्रैकिंग पथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल के तीर्थयात्री राजीब कुंडू (45) का पार्वती कुंड के पास निधन हो गया है, जबकि एक अन्य तीर्थयात्री अभी भी लापता है। प्रशासन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय टीमों के संयुक्त प्रयासों से अब तक 1,196 से अधिक फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
बचाव अभियान की जानकारी:
5 अगस्त: कांगरांग नाला से 413 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
6 अगस्त: 553 तीर्थयात्रियों को उसी मार्ग से बचाया गया।
इसके अलावा, 230 तीर्थयात्रियों को पुरवानी मार्ग के कठिन रास्ते से सुरक्षित निकाला गया।
डीसी शर्मा ने बताया कि बचाव कार्य 5 अगस्त शाम 6:30 बजे शुरू होकर अगले दिन सुबह 2:45 बजे तक लगातार जारी रहा। आज भी 100 से अधिक तीर्थयात्री कांगरांग मार्ग से लौटे।
यात्रा स्थगित करने के कारण:
तंगलिप्पी और कांगरांग नाला में पुल बह जाने के कारण।
भूस्खलन की उच्च संभावना और अस्थिर व फिसलन भरे ट्रैकिंग पथ।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को भी निलंबित कर दिया है।
प्रशासन का संदेश:
डीसी शर्मा ने सभी तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बचाव अभियान अभी जारी है और शेष तीर्थयात्रियों को पुरवानी मार्ग के माध्यम से सुरक्षित वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सभी तीर्थयात्रियों और कर्मियों की सुरक्षा है।”


