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हरियाणा में बड़ा संकट: प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड से इलाज बंद किया

गुरुग्राम, 7 अगस्त 2025 – हरियाणा के लाखों मरीजों के लिए बुरी खबर है। अब राज्य के प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त या रियायती इलाज नहीं मिलेगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) हरियाणा ने लंबित भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी हैं।

IMA के इस फैसले से प्रदेश के 600 से ज्यादा निजी अस्पताल और गुरुग्राम के लगभग 40 अस्पताल प्रभावित होंगे। इससे गरीब और जरूरतमंद आयुष्मान कार्डधारकों को अब इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ेगा।


क्या है मामला?

IMA हरियाणा ने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से प्राइवेट अस्पतालों का करीब 490 करोड़ रुपये बकाया है। बुधवार को IMA और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल भी शामिल थे।

सरकार ने हाल ही में 245 करोड़ रुपये जारी किए हैं – जिसमें से 175 करोड़ राज्य सरकार और 70 करोड़ केंद्र सरकार के हिस्से के हैं। इस रकम को FIFO (First In First Out) पद्धति से वितरित किया जा रहा है, लेकिन IMA का कहना है कि यह रकम अत्यंत अपर्याप्त है।


22 अगस्त तक इंतजार नहीं करेगा निजी स्वास्थ्य क्षेत्र

सरकारी अधिकारियों ने वादा किया है कि 22 अगस्त को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में आयुष्मान योजना के लिए अनुपूरक बजट लाया जाएगा। लेकिन IMA ने यह कहते हुए तत्काल प्रभाव से योजना को निलंबित करने का ऐलान कर दिया कि वे अब और इंतजार नहीं कर सकते।

IMA ने साफ कहा:

“हमने सरकार को पर्याप्त समय और सहयोग दिया, लेकिन लगातार अनदेखी और भुगतान में देरी के कारण हम सभी अनुबंधित अस्पतालों में आयुष्मान सेवाएं बंद करने को मजबूर हैं।”


मरीजों के लिए चिंता की बात

इस निर्णय से हजारों गंभीर मरीज, जिनका इलाज चल रहा है या शुरू होने वाला था, अचानक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो सकते हैं। खासकर कैंसर, किडनी, हार्ट और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।

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