यूपी: विधायकों के फोन नहीं उठा रहे अफसर, शासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

यूपी: विधायकों के फोन नहीं उठा रहे अफसर, शासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
उत्तर प्रदेश में अधिकारियों द्वारा विधायकों के फोन न उठाने का मामला गंभीर रूप से सामने आया है। कई जिलों में अफसर न सिर्फ विधायकों के कॉल अटेंड नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें कॉल बैक भी नहीं कर रहे। इस पर शासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव के निर्देश की अनदेखी
प्रमुख सचिव संसदीय कार्य जेपी सिंह ने सभी अपर मुख्य सचिव, डीजीपी, मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को सख्त शासनादेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के प्रति शिष्टाचार, प्रोटोकॉल एवं सौजन्य बरतने के कई शासनादेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहे।
सदन में उठा मामला, सरकार हुई असहज
विधायकों ने सदन और संसदीय अनुश्रवण समिति की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। इससे सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई, जिसे शासन ने खेदजनक बताया।
अधिकारियों को फोन सेव करने और कॉल रिसीव करने के आदेश
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
✔️ विधायकों के नंबर अपने फोन में सेव करें।
✔️ कॉल आने पर रिसीव करें, यदि बैठक में हों तो तुरंत मैसेज भेजें।
✔️ यथाशीघ्र कॉल बैक करें और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करें।
✔️ निर्देशों की अनदेखी करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
शासन ने इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए अधिकारियों को चेतावनी दी है ताकि विधायकों और प्रशासन के बीच संवाद बेहतर हो सके।



