स्मार्ट शिक्षक ही भारत को बना सकते हैं वैश्विक ज्ञान महाशक्ति- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2025 — शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के उज्जवल भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “स्मार्ट क्लासरूम” से अधिक जरूरी हैं “स्मार्ट शिक्षक”, जो छात्रों की भावनात्मक, बौद्धिक और सामाजिक जरूरतों को समझते हुए उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
स्मार्ट शिक्षक बनाएं शिक्षा को प्रभावी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, स्मार्ट शिक्षक वे होते हैं जो अपने छात्रों की विकासात्मक आवश्यकताओं को समझते हैं। स्नेह और संवेदनशीलता के साथ, वे सीखने को रोचक और प्रभावी बनाते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे शिक्षक छात्रों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करते हैं जो समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
लड़कियों की शिक्षा है “अमूल्य निवेश”
राष्ट्रपति ने लड़कियों की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक सुधार का जरिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अमूल्य निवेश है। उन्होंने कहा, लड़कियों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करना महिला-नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने का सबसे प्रभावी तरीका है।”
एनईपी 2020: भारत को बनेगा ज्ञान महाशक्ति
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन की सराहना की और कहा कि यह नीति भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार और वंचित वर्ग की छात्राओं को विशेष सहायता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सुधार का प्रभाव अंततः शिक्षकों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है।”
भारत को बनाना है शिक्षा में अग्रणी
राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षकों से आवाहन किया कि वे स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि हमारे शिक्षक भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



