नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: एक कुली की जुबानी, ‘मैंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा’
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: एक कुली की जुबानी, ‘मैंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा’
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अफरा-तफरी में कई लोग घायल हो गए, जबकि कुछ की जान चली गई। इस भयावह हादसे को अपनी आंखों से देखने वाले एक कुली ने जो बयान दिया, वह घटना की गंभीरता को बयां करता है।
“ऐसी भीड़ पहले कभी नहीं देखी”
1981 से रेलवे स्टेशन पर काम कर रहे एक कुली ने बताया, “मैंने पहले कभी इतनी भारी भीड़ नहीं देखी थी। प्रयागराज स्पेशल ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 12 से रवाना होना था, लेकिन ऐन वक्त पर इसे प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया गया।”
कैसे हुई भगदड़?
जब प्लेटफॉर्म 12 पर इंतजार कर रहे यात्री और बाहर से आ रही भीड़ अचानक प्लेटफॉर्म 16 की ओर दौड़ी, तो अफरातफरी मच गई। लोग एक-दूसरे से टकराने लगे और एस्केलेटर व सीढ़ियों पर गिरने लगे। कुली ने आगे बताया, “हमने कम से कम 15 शवों को एंबुलेंस तक पहुंचाया। चारों तरफ जूते और कपड़े बिखरे पड़े थे।”
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- हादसे के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।
- 3-4 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
- प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और मुआवजे की घोषणा की है।
मुआवजे की घोषणा
- मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी।
- गंभीर रूप से घायलों को ₹2.5 लाख और मामूली रूप से घायलों को ₹1 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।
क्या कहता है प्रशासन?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस भगदड़ की असली वजह की जांच की जा रही है। भीड़ को नियंत्रण में रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।
यह हादसा एक दर्दनाक याद के रूप में दर्ज हो गया, जिसने रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



